इस शराबी के तर्क पर विचार करें सरकार
जानिये क्‍या तर्क दिया शराब पीकर वाहन चलाने को लेकर
दंतेवाडा- सरकार की शराब नीति शराबियों के लिये ही परेशानी का सबब बन गयी है। दरअसल छग के हर शराब दुकान में शराब पीने की व्‍यवस्‍था भी की गयी है। शराबी शासन के इस निर्देश का पालन भी कर रहे हैं, लेकिन परेशानी ये है कि इस निर्देश के पालन के बाद उन्‍हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड रहा है।

वाक्‍या कुछ इस तरह का है। शहर के ही एक युवा सुराप्रेमी को कल देर रात यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाते पकड लिया और उसकी गाडी और लायसेंस तक जब्‍त कर लिया। उक्‍त सुराप्रेमी पुलिस से इस बात को लेकर विवाद करता रहा कि मैने तो शासन के निर्देश का पालन करते नियत स्‍थान पर ही शराब पी है। शराब पीने के बाद मैं सीधे अपने घर ही जा रहा था ऐसे में मैं क्‍या शराब पीकर दारू दुकान में ही रात बिताउं। उस सुराप्रेमी ने बताया कि जब वो शराब पीने टेकनार स्थित दुकान जा रहा था, तब ट्रेफिक पुलिस ने उसे रोका तक नहीं और जब सुरापान कर लौट रहा था तब वो शराब का सेवन कर वाहन चलाने के मामले में पकडा गया। उसने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी भी अच्‍छी नहीं है वो अपनी वाहन चलाने के लिये एक ड्रायवर रख सके।

ये है सुराप्रेमी की तर्क – उस सुराप्रेमी से जब इस मसले के समाधान के बारे में पूछा तो उसने साफ कहा कि सरकार शराब पीने के बाद शराबियों को घर तक पहुंचाने की खुद ही व्‍यवस्‍था करे या फिर उन्‍हे शराब दुकान से घर तक का दायरा तय करने के बीच ऐसे मामले में न घसीटे।