बीजापुर @ आजाद भारत मे 7 दशकों बाद भी सड़क विहीन इलाकों की भरमार है। सरकारें आती जाती रहीं मगर नही आई तो इन गांवो तक पक्की सड़कें। बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड से तारलागुड़ा सड़क पर स्तिथ है देपला। देपला से 9 किमी की सडक़ अटुकपल्ली तक बनाई जा रही है। देपला से कोंडामासम, कांदला होते रामपेटा और अटुकपल्ली तक सडक़ कार्य निर्माणाधीन है।। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर अटुकपल्ली पंचायत के सरपंच विनोदा कोमरम ने सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं कांदला निवासी नरसैया ने भी सड़क स्तरहीन करार दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहली बारिश में सड़क पैदल चलने लायक भी नही बचेगी।

पगडंडी ही बेहतर थी.

कांदला निवासी नरसैया के मुताबिक वो जन्म से कांदला में निवासरत है उनकी पीढियां क्षेत्र में रहे। पगडंडी सड़क पर चलते आज वो 55 साल के हो गए हैं। पिछले साल कुछ लोगों ने आकर चौड़ी सड़क सरकार द्वारा बनाये जाने की खबर दी, गांव वालों के साथ नरसैया भी काफी उत्साहित थे मगर आज नरसैया इस सड़क के निर्माण से दुखी हैं वे बताते हैं कि मिट्टी और हल्की मुरुम के साथ पेड़ के जड़ और न उठा सकने वाले बोल्डरों को डालकर सड़क बनाई जा रही है।

सरपंच विनोदा कोमरम ने बताया,

देपला, कांदला, रामपेटा और अटुकपल्ली, नरोनपल्ली की लाइफलाइन सडक़ को ठेकेदार मनमुताबिक बना रहे हैं। सड़क किनारे पेड़ों को उखाड़कर वहीं से निकली मिट्टी, मुरुम और जड़ों को सड़कों पर डाला जा रहा है। पहाड़ और चट्टान से निकले बड़े बड़े पत्थरों को सड़कों पर बिछाया गया है। जो दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं। पक्के पुल- पुलियों की जगह छोटे आकार के गोलाकार ह्यूम पाइप सड़कों में लगाये जा रहे हैं। करीब 5-5 मीटर स्पान के जहां पुल की जरूरत है वहां एक मीटर लंबाई के ह्यूम पाइप लगाकर खानापूर्ति की जा रही है। पहली बारिश में ये पल धराशाही होकर पानी मे बह जायेगें तब पगडंडी से भी बदत्तर हालातों का सामना करना पड़ेगा। सरकार से मांग करते हैं कि सड़क कार्य गुणवत्ता से किया जाए।

सियासत,

अब इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने प्रदेश सरकार पर केंद्र की राशि पर भ्रस्टाचार का खेल खेलने का आरोप लगाया है। एक प्रतिनिधि मंडल बनाकर सड़क की जांच करने की बात कही है। साथ ही प्रशासन और सरकार पर भ्रस्ट अधिकारीयों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।