बीजापुर @ प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की नई सरकार सत्ता में काबिज हो गई है , पुरानी व्यवस्था और भ्रस्टाचार के खिलाफ जनता ने भाजपा को नकारकर कांग्रेस को जनमत देकर जिताया है, लेकिन सरकार के बदलने के साथ ही बस्तर सहित बीजापुर जिले में गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस विभाग में चल रहे बैरक निर्माण कार्यों में जमकर गुणवत्ता और मापदंड को दरकिनार कर कार्यो को अंजाम दिया जा रहा है।

जिला मुख्यालय से लगे महादेवघाट के पास करीब 6 नग बैरकों का निर्माण कार्य प्रगति पर है लेकिन बिना किसी तकनिकी सहायक के ठेकेदार मोहम्मद खान और फिरोज खान निर्माण में कोताही बरत रहे हैं। निर्धारित मापदंड और प्राक्कलन की धज्जियाँ उड़ाकर पुरे कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। जहाँ 20 /30 की कॉलम की जगह 20/20 कॉलम में भवन का काम हो रहा है साथ ही कॉलम और प्लिंथ बीम में 12 एमएम की सरिया की जगह 10 एमएम के सरिया इस्तेमाल कर कार्य किया जा रहा है।

बैरक निर्माण में प्लिंथ से लेकर उपरी दीवार तक सब गोलमाल है, मजदूरों ने बताया की ऐसा करने के लिए उन्हें ठेकेदार ने बताया है। बैरक निर्माण में जहाँ कॉलम, बीम,प्लिंथ,छज्जा,और बीम में सरिया बाहर दिखाई दे तो समझा जा सकता है की निर्माण कार्य में बड़ा गोलमोल का खेल खेला जा रहा है। जिला मुख्यालय से लगे सीआरपीएफ कैम्प में यदि गुणवत्ता और मापदंड की अनदेखी से हो रही घटिया निर्माण पर कार्यवाही नही होती तो जिलेभर में चल रहे निर्माण कार्यो पर भी गहरा संकट मंडराता दिखाई दे रहा है। दोनों ठेकेदार मुलता तेलंगाना के रहने वाले हैं और इन ठेकेदारों के ज्यादातर निर्माण कार्यों में गुणवत्ताहीन निर्माण की भरमार है।

बतादें की यह वही बैरक निर्माण का कार्य है जिसमे तत्कालीन एसपी मोहित गर्ग पर कांग्रेस के बड़े नेता अजय सिंह ने निर्माण कार्यों की निविदा में गड़बड़ी कर कार्य बांटने का आरोप लगाया था मगर वो आरोप सिफर आरोप ही रह गए और पहले की तरह उन्ही ठेकेदारों को कार्य आबंटित कर दिए गए है। अब देखना ये है कि गुणवत्ताहीन, मापदंड को दरकिनार कर किये जा रहे निर्माण कार्यों पर भाजपा, कांग्रेस के नेताओं की क्या प्रतिक्रियाएं आती हैं।

अब अधिकारी पूरे मामले में जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दे रहे हैं।

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