दन्तेवाड़ा@ दन्तेवाड़ा नगरपालिका में हाल में ही निकाय चुनाव को लेकर वार्डो के आरक्षण सुनिश्चित हुये है। इन आरक्षणों को लेकर विवाद नगर में गहराते जा रहा है। भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री कुणाल ठाकुर ने पालिका के वार्ड आरक्षणों में गड़बड़ी को लेकर आरोप लगा रहे है. वही दूसरी तरफ नगरपालिका के अधिकारी सबकुछ नियमो से हुआ बता रहे है.
आरोप लगाते हुए कुणाल ठाकुर ने कहा कि दन्तेवाड़ा नगर 2 हिस्सो में बटा हुआ है। दंतेश्वरी मंदिर के पुल के दोनों सिरों में आवराभांटा और दन्तेवाड़ा शहर का हिस्सा आता है. जिसमे सुरभि कालोनी, JED कालोनी, RES कालोनी,पटेलपारा जैसे मोहल्ले के साथ 5 वार्ड आते है. पालिका गठन के बाद से हमेशा पुल के पहले हिस्से का 1 वार्ड हमेशा सामान्य वर्ग या पिछड़ा वर्ग के लिये वार्ड आरक्षित रहा है. लेकिन इस बार सामान्य वर्ग के आरक्षण सीट को हटाते हुए 4 वार्ड एसटी व 1 वर्क्स एससी आरक्षित कर दिया गया. जो सरासर गलतियों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि नगरपालिका ने गोपनीय तरीके से टेबल डिस्पेच कर परिसीमन कर दिया जिसकी जानकारी वार्ड पार्षदों तक को नही मिल सकी, अगर पालिका यह कहती है कि 2011 जनगणना के आधार पर परिसीमन हुआ है तो यह भी जानकारी बता दे कि 2011 जनगणना पर वार्ड क्रमांक 10 पटेलपारा और JEDकालोनी में सामान्य वर्ग के मतदाताओ की बहुलता अधिक है। इस लिहाज से तो यह सामान्य सीट आरक्षित होनी चाहिए थी. पर यह तो बदलकर ST महिला सीट आरक्षित हो गयी. वही कटियाररास वार्ड 3 जो कि 2011 मेंST आरक्षित थी उसे बदलकर सामान्य सीट कर दिया गया. इतना ही नही दन्तेवाड़ा नगर पंचायत 2014 को बनी नगर पालिका नियम के तहत कुल 18 वार्ड होने चाहिए थे पर अभी भी महज 15 वार्ड ही है। जबकि 2014 और 2019 में परिसीमन भी हुआ। पर 15 वार्डो को विस्तार कर 18 नही किया गया क्यो? अपने चेहतों को फायदा पहुँचाने के लिए पालिका की यह सोची समझी चाल है। इस तरह का आरोप जिला महामंत्री कुणाल ठाकुर पालिका पर लगा रहे है।.