दंतेवाड़ा@ गीदम के मंडी चौक में सुबह जिस निर्माण कार्य के दौरान बिजली करंट लगने से हादसे में 01 नाबालिक बच्ची ललिता मण्डावी की मौत वही दूसरी घायल हुई थी। घटना के बाद घटना स्थल पर मुयाना करने पहुँची श्रम विभाग, पुलिस, तहसीलदार और पालनार क्षेत्र के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि नंदलाल मुड़ामी व सुमित भदौरिया मृतक बच्ची के पिता के साथ घटना स्थल पहुँचे।

घटना में जिस बच्ची की मौत हुई है वह फूलपाड़ गांव के जूनापारा की है। उसकी उम्र महज 14 साल है और बच्ची पोटाकेबिन पालनार में पढ़ाई भी करती थी। हादसा जिस जगह पर हुआ है। वहाँ सोनू बुरड़ नाम के व्यक्ति द्वारा श्रमिको से निजी कार्य करवाया जा रहा था। जिसके लिये हाईवे सड़क को पार कर एक बहुत लंबा टेम्परेरी विधुत कनेक्शन लिया गया। इस लम्बी लाइन के सड़क पर झूलते वायर को लोहे के ख़म्बे से ऊँचाई देने के लिये ललिता तार के नीचे से वायर ऊपर उठा रही थी। तभी करेंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गयी।

सबसे बड़ी बात यह है कि बाल मजदूरी कानूनी प्रावधान में दण्डनीय अपराध है। उसके बावजूद भी नाबालिक आदिवासी बच्ची की मजबूरी का फायदा उठाते हुये काम पर लगाया गया, जिसके परिणाम स्वरूप इतनी बड़ी घटना घटित हो गयी। आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है?

इधर मौके पर घायलों को देखने के बाद क्षेत्रीय नेता नंदलाल मुड़ामी,सुमित भदौरिया, मनीष सुराना मृतक बच्ची के पिता कोमट मण्डावी के साथ पहुँचे थे। जहाँ बच्ची के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घटना के बाद नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि बच्ची की मौत दुःखद है। बाल श्रम करवाना भी अपराध है। टीसी कनेक्शन आखिर इतनी दूर से विधुत विभाग ने क्यो दिया इन सबपर जांच बैठनी चाहिये, साथ ही दोषियों पर पुलिसिया कार्यवाही भी होनी चाहिये। ताकि पीड़ित परिजनों को न्याय मिल सके। हम पीड़ित परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में साथ खड़े हैं और परिजनों को जो मदद सरकारी पहुँचेगी हम उसके लिए पूरा प्रयास करेंगे।