*जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया अस्पताल का औचक निरीक्षण*

*रात 11 बजे पहुँच अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

*अस्पताल की लचर व्यवस्था पर जताई नाराजगी*

*दंतेवाड़ा।* एक तरफ जहां सरकार कोरोना से बचने व सोशल डिस्टेंस बनाए रखने जागरूकता अभियान चला रही है वहीं दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल में इस अभियान को धज्जियां उड़ाई जा रही है। रात करीब 11 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।

तुलिका ने बताया कि यह अस्पताल बस नाम का ही जिला अस्पताल है। यहां ना मरीजों का बेहतर ईलाज होता है और ना ही कोई सुविधा मिलती है। अस्पताल प्रबंधन बस निर्माण कार्य और फर्जी भर्ती कराने में लगा रहता है। उन्होने आगे कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है की सभी सोशल डिस्टेंस में रहकर कार्य करें मगर जिला अस्पताल में इसका कोई पालन नहीं किया जा रहा है। एक ही बिस्तर पर दो मरीज सो रहे हैं, किसी भी मरीज के चेहरे पर मास्क नहीं है। मरीजों के लिए लगाए गए कूलर-पंखे बंद पड़े हैं। मरीज गर्मी से बेहाल हो रहे हैं उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। करोड़ो की लागत से लगाए गए सेंट्रल एसी भी बंद पड़े हैं। जिपं अध्यक्ष आगे कहा कि जिला अस्पताल की यह दुर्दशा सिविल सर्जन डॉ नायक की देन हैं। श्री नायक की पदस्थापना के बाद ही

जिला अस्पताल व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल पर ध्यान देना छोड़ डॉ नायक अन्य कार्यों पर ज्यादा देते हैं। कोरोना को लेकर सिविल सर्जन द्वारा कोई तैयारी नहीं गई है। लोग बेवजह अस्पताल में घूमते-फिरते नज़र आते हैं। मीनू अनुसार मरीजों को खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। तुलिका कर्मा ने अस्पताल प्रबंधन को चेताया है कि जल्द से जल्द वे अपनी व्यवस्था ठीक करें और कोरोना को लेकर इतनी लापरवाही नहीं बरतें।