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दन्तेवाड़ा@ बैलाडीला लोह अयस्क खदान नम्बर 13 को अडानी के हाथों में दिये जाने का अब दन्तेवाड़ा में आदिवासी विरोध कर रहे है। खदान शुरू करने से पहले लाखो-हाज़ारो पेड़ उजड़ जायेगे। दैविक पर्वत नन्दीराज की आस्था को चोट पहुँचाकर खदान पर अगर काम शुरू हुआ तो ट्रेन रुकेगी,बसों के पहिये थमेंगे, ऐसा कहना प्रदर्शनकारियों का है। जिले के चारो विकासखंड के पंचायतो से ग्रामीण बैठक कर सर पर सामान रख जंगलो के रास्ते से किरन्दुल की तरफ कूच कर रहे है। कल याने की 07 जून को सभी एनएमडीसी मुख्यालय का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रर्दशन करने वाले है।

◆कटेकल्याण ब्लाक के टेलम, टेटम,मारजूम,डब्बा,कुन्ना जैसे अंदुरुनी ग्रामो से ग्रामीणों का काफिला का काफिला जंगली रास्तों से निकल रहा है। एनएमडीसी ने अडानी की कंपनी एईएल से काम करवाना चाह रही है। निजी कंपनी की इसी धमक से ग्रामीणों को जल जंगल और जमीनी लड़ाई के लिए अब मैदान में उतरना पड़ रहा है। एनएमडीसी के इस 13 नम्बर खदान में लगभग 350 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद होने की संभावना है। 13 नम्बर खदान का विरोध शुक्रवार को ऐतिहासिक विरोध हो सकता है।

The Aware News
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