दंतेवाड़ा@ रविवार सुबह पोर्देम के जंगलो में मुठभेड़ कर 5 लाख के ईनामी नक्सली सन्तोष मरकाम को डीआरजी जवानों ने मुठभेड़ में मार गिराया था. जिसके बाद से ग्रामीणों ने इस मुठभेड़ को पोर्देम की जगह नीलावाया गांव के बीच सन्तोष मरकाम को जवानों ने मारा है यह कहकर आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच दरभा डिवीजन के सचिव साईनाथ ने भी प्रेसनोट जारी कर सन्तोष मरकाम का नक्सली संगठन से कोई नाता नही है। कहते हुए उसे डीआरजी के जवान वाड़से देवे और कोवासी अमित नाम के जवान ने गांव के अंदर पकड़कर मारा है आरोप लगाया है। साथ ही उन्हें सजा देने की बात लिखते हुए दंतेवाड़ा पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया है। साथ ही दंतेवाड़ा एसपी पर फर्जी मुठभेड़, फर्जी गिरफ्तारी कर लाखो रुपये कमाने का आरोप लगा रहे हैं। इसके साथ केंद्र व राज्य सरकार पर बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन कर कारपोरेट घरानों को देने का आरोप लगा रहे हैं।

वही दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा कि सन्तोष मरकाम पर 25 से अधिक मामले दर्ज है। लम्बे समय से पुलिस ने सन्तोष मरकाम की प्रोफाइल मीडिया में जारी कर रखी थी। मुठभेड़ पोर्देम में ही हुई। 100 से अधिक राउंड गोलीबारी हुई। आधे घण्टे मुठभेड़ के बाद संतोष मरकाम मारा गया।