दन्तेवाड़ा- जिले के एक मात्र लक्ष्य कोचिंग सेंटर में वर्षो से जमे अधीक्षक अरविंद यादव को शासन के संलग्नीकरण नियम के तहत मूल संस्था में सहायक आयुक्त ने वापस भेज दिया। इतना ही नही जानकारी के लिये आपको बता दे कि पूर्व कलेक्टर केसी देवसेनापति के दौर में शैक्षणिक संस्थान लक्ष्य की नींव रखी गयी थी। तभी से अरविंद यादव इस संस्था में बने हुए है और अपनी सेवायें दे रहे है।

कार्य मे लापरवाही भी बनी बड़ी वजह- वर्मन सहायक आयुक्त दन्तेवाड़ा
अधीक्षक की कार्यशैली में भी सवाल लगातार खड़े हो रहे थे। लापरवाहिया भी श्री यादव को हटाने की एक बड़ी वजह बनी है। छात्रों को मिसगाइड, बिना बताये छुट्टी कभी भी दे देना, बच्चो के एडमिशन के लिए कोई अटेंडर तक लक्ष्य में नही रखा गया है शासन बच्चो के भविष्य के लिए बेहतर शिक्षा मिले इस लिहाज से लक्ष्य संस्था का निर्माण की है मगर अधीक्षक की लापरवाही के चलते व्यापक अब तक प्रचार प्रसार भी नही हो पाया।

इधर अधीक्षक अरविंद यादव ने इस मामले कहा कि पढ़ाने का ठेका निर्माण देखती है। 1 शिक्षक को पढ़ाने के लिए बार-बार भेजते थे आपत्ति जताई तो कार्यवाही हो गयी। एडमिशन का प्रचार प्रसार तो किया जा रहा था। मूल संस्था डीईओ कार्यलय में ज्वाइन करूँगा वहाँ से आगे जहाँ भेजेगे वहा जाऊंगा। मुझे जहाँ भी काम मिलेगा वहाँ पढ़ाऊंगा कार्यवाही से अधिक फर्क नही पढ़ता है।