दन्तेवाड़ा- नकुलनार में बना मंगल भवन बेहद ही सुंदर है। इसकी सुंदरता को बचाये रखने के लिए ग्राम पंचायत ने बड़ी ही नायाब तरीका खोज निकाला है। भवन निर्माण हुए 6 महीने से ऊपर बीत गये बमुश्किल से इस भवन में 1 या 2 बार ही मांगलिक कार्य या फिर प्रशासन के कार्य के लिए इस्तेमाल लिया गया बाकि समय इस भवन में अलीगढ़ के ताले जड़े नजर आयेंगे।

प्रशासन की मंशा के विपरीत ग्राम पंचायत में इस भवन में आपको आसानी से किसी काम के लिए जगह नही मिलेगी। चाहे वह किसी भी तरह के जनहित से जुड़ा काम हो हाल में ही मीडिया ने ब्लड डोनेशन कैम्प नकुलनार के युवाओ के सहयोग से लगाने की मंशा पंचायत से जाहिर कि मगर चाबी नही होने का हवाला देते हुये उपसरपंच ने भवन इस्तेमाल के लिए देने में असमर्थता जता दी। अब आप ही अंदाजा लगाइये कि जब मंगल भवन का जिम्मा लिए ग्राम पंचायत ही इस तरह की कार्यशैली अपनाये हुए है। तो उम्मीद किया करे पंचायत के लोग कि इस भवन में भविष्य में कोई मांगलिक कार्य की गूंज भी गूंजेगी। जबकि मंगल भवन का उद्देश्य ही होता है कि पंचायत के छोटे बड़े कार्य किसी भवन में सामूहिक रूप से सम्पन्न हो सकब।
जानकारी के लिए बता दे कि मंगल भवन में 3 दुकाने भी बनी है।पर उस पर भी आधिपत्य और बाहुबल का खेल जारी है। 2 दुकाने तो उठी हुई है। पर 1 में ताले जड़ दिये गये है। जनपद सीईओ एसके टण्डन से जब मंगल भवन कि इन व्यवस्थाओ को लेकर पूछा गया तो उन्होंने पंचायत के ऊपर बात डाल दी साथ ही ये भी कह गये की जानते तो हो नेता लोग सुनते कहा है।