दंतेवाड़ा@ दंतेवाड़ा शहर से सटे चितालंका ग्राम पंचायत में 1988 से काबिज सरकारी योजना इन्द्रवास के 4 लाभार्थियों पर चितालंका के रहवासी गुलाब सिंह ने अपनी निजी भूमि बताते हुये स्वयं जेसीबी मशीन से चारो मकान को ढहा दिया। जिसके बाद दोनों पक्षो में मारपीट का मामला दंतेवाड़ा थाने में दर्ज हुआ है।

दरअसल मिली जानकारी के मुताबिक चितालंका निवासी मानसाय पिता लक्ष्मण, गोनसाय पिता बनसिंह, सुधरु पिता जीवनाथ और गिरधर पिता धरमू के मकान 1988 से इन्द्रवास योजना के तहत बने हुये थे. मगर 2001 में गुलाब सिंह ने भकचंद नामक व्यक्ति से जमीन जमीन खरीद की जिसके बाद से दावा किया जाने लगा कि ढहाया गया इन्द्रवास मकान निजी भूमि में बना हैं। देखिये क्या कहा जनप्रतिनिधियों ने

पीड़ितों के आशियाने ढहने की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली तो जिला पंचायत सदस्य रामूराम नेताम और जनपद अध्यक्ष सुनीता भास्कर भी मौके पर पहुँचकर इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य रामूनेताम ने कहा कि बने हुये मकान लंबे समय से स्थापित है। अगर ये मकान निजी भूमि में थे तो पंचायत को पहले विश्वास में लेना था। जिस तरह से मकान थोड़ा गया है यह सीधी गुंडागर्दी है। इसका खुलकर विरोध होगा।

दंतेवाड़ा थाने में नीलबती यादव ने उक्त मामले में मारपीट और मकान जमीदोज करने के मामले में लिखित एफआईआर दर्ज करवाई है। जिस पर भादवि की धारा 294,323,506,147,149 के तहत सभी आरोपियों पर मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। वही आरोपी पक्ष ने भी इस मामले में काउंटर एफआईआर दर्ज करवाई है।