दन्तेवाड़ा@पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी के मावोवादियो ने कोड़ेपल्ली और नेमैड गांव के बीच 20 मार्च की घटना को लेकर एक माफी मांग पत्र जारी किया है। मगर इसी माफी मांग पत्र में विस्पोट की जद में फंसे 9 ग्रामीणों को *9 जन मामूली जनता* कहकर माफ़ी मांगते हुए घायल परिवार,पत्रकारों, मानवाधिकारों और बुद्धजीवियों से दुख भी जता रहे है।

क्या अब बस्तर की जनता वाकई मामूली बन गयी है, कि कही भी धमाके में उसे उड़ा दे और कागज के पन्नो में माफीनामा मांग ले,जबकि उस घटना में 2 गर्भवती महिलाएं भी फंस गई थी। जब कोई मावो कैडर का किसी मुठभेड़ में मारा जाता है।तो उसे मावोवादी शहीद कहते है, मगर जिस जनता के बीच जनाधार मजबूत किये है उसे ही मामूली जनता कहना कही न कही विचारधारा को दर्शाने के लिए काफी है। शोसल मीडिया में ही दन्तेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने इस प्रेसनोट पर खुले तौर पर करारा जबाब देते हुए कहा कि

9 जन मामूली जनता , जनयुद्ध की बात करने वाले अब जनता को मामूली कहने लगे हैं.
इस मामूली जनता में बहुत ताकत हैं, जिस दिन जनता ये ताकत जान जाएगी, ये हथियारबंद हिंसावादी नक्सली बस्तर की ज़मीन को लाल नहीं कर पाएंगे और बस्तर में शांति आएगी साथ ही प्रेसनोट पर यह भी कहा कि प्रेसनोट हमेशा नक्सलियो का बड़ा कैडर जारी करता है ग्रामीणों को मामूली जन कहना नक्सलियो की घटिया सोच को दर्शाने के लिए काफी है।