दन्तेवाड़ा@ आज हर दूसरे हाथ मे आपको कुछ दिखे न दिखे लेकिन मोबाइल सेलफोन नजर आ जायेगा। जिस पर इंटरनेट सर्फिंग करते लोग भी नज़र आ जायेंगे। लेकिन अब इसी इंटरनेट सर्फिंग के दौरान आपराधिक गिरोह कस्टमर कम्प्लेन नाम की प्राइवेट वेबसाईड व अलग अलग सर्च इंजन के विशेषज्ञता का उपयोग कर अपने नम्बरो को फ़ीट कर दिये है। जहाँ से लोग ठगी का शिकार हो रहे है।

जब कस्टमर इन नम्बरो में मदद के लिए फोन करते है. तो काल करने वाले शख्स को रजिस्ट्रेशन फीस, व कारणों का हवाला देकर सम्बंधित व्यक्ति को कुछ राशि ट्रांसफर करने को कहता है। साथ राशि रिफंड का दावा कर बहाने से सारी डिटेल भी ले लेता है। और डिटेल हाथ लगते ही आपके खाते की राशि गोल कर दी जाती है। इस तरह से हाई प्रोफाइल अंदाज़ में आप ठगी के शिकार हो जाते है।

बचाव के उपाय

किसी कंपनी का अगर आपको कस्टम केयर,हेल्पलाइन नम्बर चाहिए तो आप कम्पनी की अधिकृत वेबसाइट से ही लीजिये

किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर द्वारा कभी भी कोई रजिस्ट्रेशन फीस पेमेंट की मांग नही की जाती है. नही बैंक डिटेल मांगी जाती है। अगर यह सब जानकारी मांगी जा रही है तो आप ठगी के शिकार हो रहे है।

कभी भी ओटीपी/बैंक संबंधित जानकारी दूसरे अपरिचित से शेयर न करे।अत्याधुनिक तकनीक के दौर में सावधानी बरतने से ही आप ठगी के शिकार नही हो सकते।