देखिये वीडियो किस तरह पहाड़ियों में बढ़ रहे अजीत जोगी पूर्व मुख्यमंत्री

दन्तेवाड़ा@ नाम ही काफ़ी है अजीत जोगी पूर्व मुख्यमंत्री छतीसगढ़ का राज्य की राजनीति में 13 नम्बर डिपाजिट की खदान का समर्थन देने लोह अयस्क की नगरी में जोगी जी पहुँचे हुये थे। क्योकि दरअसल यहाँ आदिवासियों का बड़ा आंदोलन निजीकरण करने विरोध में है। हज़ारो की संख्या में आदिवासी जुटे हुये।
समर्थन में पहुँचने को तो कई राजीनीति के चहरे पहुँचे पर 13 नम्बर डिपॉजिट का हाल देखने कोई नहीं पहुँचा। और अगर कोई पहुँचा भी तो वे थे अजीत जोगी जिनके पैर सही है। दुर्घटना में दिव्यंगता उनके हिस्से में मिली है, फिर भी हौसले और हिम्मत की दाद देनी चाहिए।

कि नंदराज शिखर, और पिटोरमेटा की पहाड़ियों में वे पहुँचकर पूजा अर्चना की। वही राजनीति के सही सलामत राजनेता 3 दिनों से मंच पर ही प्रपंच झाड़ते रहे।

2004 में सड़क हादसे में जोगी जी ने पैर गवा दिये थे वे चलने में अक्षम है। पर राजनीति की मानसिकता में वे सक्षम ये ऐसे हौसले और जस्बे को सलाम जो आदिवासियों के संघर्ष में बैलाडीला के शिखर आंदोलन की पताका लहराने पहुँचे थे।