दन्तेवाड़ा-दन्तेवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। इस नाम से भी दन्तेवाड़ा जिला अवल्ल दर्जे में गिना जाना चाहिए। आपरेटर जैसे पद पर बैठकर भी इस जिले में सरकारी तिजोरियों पर सेंध मार दी जाती है और कानों कान विभाग को खबर भी नही लगती हैं।

दरअसल पुरा मामला लाईवलीहुड कालेज से जुड़ा है। जहाँ डाटा इंट्री आपरेटर कौशलेंद्र धुर्व ने कूटरचित तरीके से 9 लाख 81 हजार 616 रुपये सरकारी खाते से निकाल लिये। और कानों कान विभागीय अधिकारियों को भनक भी नही लगी। बताया जा रहा है 3 महीने पहले ही ऑपरेटर ने राशि आहरण कर अपने नजदीकी रिश्तेदारों और पत्नी के नाम से ट्रांसफर कर दिया था। जबकि कौशलेंद्र धुर्व संविदाकर्मी है। हालांकि 3 माह बाद मामला गीदम थाने में पहुँचा पुलिस ने आपरेटर को हिरासत में ले लिया है।

गीदम थाने के उपनिरीक्षक केआर सिन्हा ने जानकारी दी कि आरोपी से 5 लाख 40 रुपये जपत कर लिया गया है। वही 3 लाख रुपये आरोपी अपनी बीबी के नाम पर खाते डाल रखा है। साथ आरोपी ने ढाई लाख रुपये में एक इंडिका गाड़ी भी खरीद ली है।

विभागीय अधिकारी की लापरवाही से इस तरह के गोलमाल भरे कारनामे दन्तेवाड़ा में कोई आम बात नही है। बीते कुछ साल पहले भी शिक्षा विभाग दन्तेवाड़ा से भृत्य ने भी कुछ इसी अंदाज में हेरफरी की थी।