बीजापुर @ कोरोना से लड़ाई में बीजापुर नगरपालिका मजबूती से डटा है। अध्यक्ष सहित उपाध्यक्ष रोजाना गरीबो को जरूरी रशद पहुंचा रहे हैं। वहीं उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लुर ने केंद्र की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सल्लुर ने कहा कोरोना से करीब पूरा विश्व लड़ रहा है। देश मे कोरोना योद्धाओं ने मोर्चा संभाल रखा है। लेकिन कोरोना से दिन रात लड़ रहे डॉक्टर्स और नर्सेस के पास पीपीई उपकरणों की कमी है। केंद्र सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और पीपीई उपकरण जल्द मुहैया कराने की जगह देश की जनता को बरगलाने का काम कर रही है। जनता कर्फ्यू में थाली-ताली बजवाकर भीड़ को सड़कों लाकर खड़ा कर दिया और 4 अप्रैल को लाइट बंद करने का ढोंग करवा रही है। मोदी सरकार जनता को असल मुद्दों से भटका रही है।
नगरपालिका के उपाध्यक्ष श्पुरुषोत्तम सल्लुर ने कही उन्होंने कहा कि थाली और ताली बजवाली पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया जो जहां वहीं फस गए रोते बिलखते भारतवासी भूख प्यास की यातना झेले उनके जाने पर रोक लगाई गई ,अधिकतर लोग अपने गांव जाते मर गए ,कुछ भूख के शिकार हो गए आगे उन्होंने कहा कि भारतीय जनता इस देश की मिट्टी में जन्मे हैं, पीएम नरेंद्र मोदी जी आपका संबोधन देश को दीया बत्ती टॉर्च दे दिया ,यह भारतवासी प्रतिदिन करता है आपकी इच्छा शक्ति कमजोर दिख रही है।। इस वैश्विक महामारी ने बुद्धिहीनता की हद पार कर दी संकट की घड़ी में आप की सरकार को छत्तीसगढ़ में पैकेज की घोषणा करनी थी ।आम जनता के खाते में रुपए डलवाना था, पर आपने दिया मोमबत्ती टोर्च पकड़ने को कह दिया इस वैश्विक महामारी से पूर्ण जंग को जीतने के लिए छत्तीसगढ़ की जनता की सतर्कता, देश के अन्य राज्यों की तुलना में यहां पर पॉजिटिव मरीज ठीक हो रहे हैं, छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के विशेष निगरानी हर पल मरीज की जानकारी अपडेट बधाई के पात्र हैं ,वही कोरोनावायरस में डॉक्टरों नर्सों का परिश्रम ईश्वर तुल्य है। आखिर जनता के घर में रहने का परिणाम प्रदेश के सामने आ गया है, और उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता घर पर रहते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन तथा डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाया है। माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने खत भी लिखा परंतु अब तक छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं दिया, बल्कि देश का पीएम जनता को संबोधित में दिया मोमबत्ती टॉर्च हाथ जोड़कर अपने घरों में खड़े रहने की नसीहत दे डाली आर्थिक पैकेज सहयोग ना करना यह कहां तक उचित है,वर्तमान में प्रदेश सरकार की सतर्कता के वजह से आज 9 मरीज में 4 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर को लौटे हैं।
इसके लिए छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों और छत्तीसगढ़ की सरकार को बधाई देता हूं।