दन्तेवाड़ा- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के खत्म होते ही चुनाव परिणाम की दन्तेवाड़ा में तस्वीर साफ़ हो गयी।जनादेश जिला पंचायत सदस्य में 02 गीदम ब्लाक 1 दन्तेवाड़ा ब्लाक और 02 गीदम ब्लाक में बीजेपी की झोली में जा गिरी। 05 सीट लेकर भाजपा अपना दबदबा बरकरार रखने में कामयाब हुई। तो 1 सीट सीपीआई पर भी बीजेपी अपना दावा ठोक रही है। क्योकि वहाँ पर भी बीजेपी ने सीपीआई से टाई ऑफ भूमिका में चुनाव लड़ा था।

इधर कांग्रेस को महज 03 सीटों पर जीत मिली, इसके अलावा 01 सीट विधायक देवती महेंद्र कर्मा की बेटी तूलिका कर्मा ने निर्दलीय लड़कर अपनी राजनीतिक कलाकौशल के बल जीत ली. जिसके वजह से कांग्रेस को 1 सीट गिफ्ट के तौर पर मिल गयी. और मुकाबले में कांग्रेस 4 सीटों पर आ गयी।

कुआकोंडा में भाजपा ने परचम लहरा दिया.अंतिम निर्णायक परिणाम में भाजपा की नंदलाल मालती मुड़ामी और पायके मरकाम ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज कर विपक्षियों को धराशाही कर दिया.

गीदम ब्लाक और कुआकोंडा ब्लाक के चारो सीटों में हार मिलने की वजह से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की कार्यक्षमता पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गये। कांग्रेस सरकार बनते ही छदम आवरण ओढ़कर क्षेत्रीय राजनीति में अपने आपको दिग्गज बताने वाले नेताओं को अपने ब्लाक पर हार की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। जो प्रदेश की भूपेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जनता के बीच पहुँचाने में विफल रहे. साथ ही बड़े नेताओं की सच्चाई भी उजागर हो गयी कि जनता के बीच उनकी पकड़ का स्तर क्या है। जनता के जन दरबार मे सब कुछ खुलकर आ गया।

जिला पंचायत में अपनी इस हार को गंभीरता से प्रदेश स्तर के नेताओ को लेना चाहिए ताकि ताकि नैतिकता के आधार पर जमीनी कार्यकर्ताओ को जबाबदार पदों पर जनता के बीच राजीनीतिक ताना बाना बुनने के लिए रखना चाहिए, ताकि ऐसी पराजय के नजारे नजर नही आये

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