पंकज सिंह भदौरिया, दन्तेवाड़ा, अरनपुर थानाक्षेत्र के समेली CRPF 111 बटालियन कैम्प में तैनात एसआई ललित कश्यप और शिक्षक जयसिंह कुरेटी को अगवा किया गया। जबेली गांव से मलंगीर एरिया के नक्सलियो ने अपहरण SI और शिक्षक को बंधक बनाकर जंगलो की तरफ ले गये है। फ़ोर्स जबेली गांव के पास जंगलो में चारो तरफ से रात से ही सर्च अभियान चला रही थी। तभी अचानक शिक्षक और जवान को नक्सलियो ने छोड़ दिया।

दरअसल शिक्षक का बैंक लोन नोटिश था जिसे तामील करवाने एसआई पहुँचा हुआ था। जहाँ दोनों में दोस्ती हो गयी। और दोनों शराब पीने के लिए जबेली गांव पहुँचे थे। जहाँ 10 से12 हथियार बन्द नक्सली आ धमके जिन्होंने दोनों को अगवा कर लिया।

इधर प्रेसकांफ्रेस में खुलासा करते हुए दन्तेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सलियो ने एम्बुश कर अगवा के बाद मौत की खबर फैलाई थी। जिससे वे जवानों को बड़ा नुकसान पहुँचा सके। मगर हमने फोर्स को बम्ब स्क्वायड के साथ क्लीयर कर चारो रूट से भेजा। दबाब के चलते नक्सली जवानों को छोड़ दिये। जबकि अपहरण के बाद छुटे जवान और शिक्षक ने कहा कि नक्सलियो ने मारपीट नही की। मगर जवान से कैम्प की खुफिया जानकारी जुटाते रहे। साथ ही शिक्षक को हिदायत देकर छोड़ते हुए हाथ काटने की धमकी भी दी।


मलंगीर एरिया कमेटी के हार्डकोर नक्सली लीडर गुण्डाधूर,प्रदीप, जीवन,सोमडू के साथ 50 नक्सलियो की मौजूदगी थी। गर्मियों के दिनों में टीसीओसी का समय होता है। अक्सर नक्सली बड़ी रणनीति बनाकर जवानों को घेरने की कोशिश करते है। फिलहाल जवान का बचना या नक्सलियो का निशर्त रिहा करना बंधक जवान के लिए नया जीवन सा है।

शोसल मीडिया पर बंधक शिक्षक और जवान को लेकर भ्रामकता का गुब्बारा इस तरह से उड़ा की जवान की हत्या की अपुष्ट खबरे तैरने लगी। वेब पोर्टलो से लेकर प्रतिष्ठित समाचार पत्रों की सुर्खियां बनकर जवान की हत्या की बात लिख दी गयी। मगर जब जवान और शिक्षक सुरक्षित वापस कैम्प में पहुँचे तब लोगो को एहसास हुआ कि पिछले 10 घण्टे से हवा हवाई खबरों को लोग दन्तेवाड़ा से दिल्ली तक उड़ा रहे है।