दंतेवाड़ा@ पत्रकार कागज और कलम से जनसरोकार की खबरे लिखकर जनता तक उस सच को पहुँचाने का काम करता है। जिसे दबाया जा रहा हो जहाँ भ्रष्टाचार हो रहा हो मगर इस बाज़ार में अगर पत्रकार ही खबरों में दबाव देकर पैसे बटोरने की जुगत में लग जाये तो समझो समाज का बंटाधार है।आडियो पर सुनिये

ताजा मामला दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा ब्लाक की श्यामगिरी ग्राम पंचायत से तब उजागर हुआ । जब ग्रामीणों ने पत्रकारों की काली करतूत के वाइस रिकार्ड कर डाले। जहाँ मनरेगा के निर्माण कार्य मे 2 ठग अपने आप को पत्रकार बताकर पंचायत के रोजगार सहायक और ग्रामीणों पर दबाब देकर पैसे ऐंठने की जुगत में भीड़ गये।

ये अच्छा रहा कि ग्रामीणों में ठग पत्रकारों की आवाज मोबाइल में 03 मर्तबे रिकार्ड कर ली जिस पर वे लगातार खबरों को रोकने के बदले पैसों की डील कर रहे थे। इतना ही नही ग्रामीणों से पैसे ऐंठने तक के लिए एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के सम्पादक तक हवाला देने लगे।

सबसे बड़ी लगती उन न्यूज पेपर संस्थानों की है जो अखबार बेचने के लिए पंचर बनाने वाले से लेकर ब्लैकमेलर तक को थमा देते है। तालाब में अगर एक मछली सड़ जाये या मर जाये तो पूरा तालाब गन्दगी से भर जाता है। यह फार्मूला हर जमात में लागू होता है, चाहे ओ पत्रकारिता ही क्यो न हो। इस तरह की ढील कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं क्योकि इसे ब्लैक मेलिग से ही जोड़ा जायेगा। जो समाज मे गन्दगी फैलाने के गोरखधंधे को मीडिया की आड़ में करते है