दंतेवाड़ा@ दंतेवाड़ा में पीडीएस चावल में अफरा तफरी मामले में जहाँ प्रशासकीय जांच और पुलिसिया कार्यवाही की जा रही है। वही गुडसे गांव के ग्रामीण इस जांच के चलते अबतक गांव की सोसायटी में राशन नही पहुँचने से बहुत आक्रोशित नजऱ आ रहे हैं। गुडसे के ग्रामीण भूतपूर्व सरपंच छन्नूराम ताती के साथ सील की हुई सोसायटी के सामने बैठक कर चावल घोटाले मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुये जल्द ग्रामीणों को राशन व्यवस्था करवाने की बात रखी।

आक्रोशित गुडसे के ग्रामीण

ग्रामीण इस चावल घोटाले से इतने आक्रोशित है कि वे इस बार नया त्यौहार नही मनाने की बात कह रहे है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि सोसायटी का सेल्समैन भी इस चावल तस्करी रैकेट का हिस्सा है इसलिए आज तक गांव वालों से मिलने तक नही आया। इसलिए इस मामले जो भी दोषी हो उनपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। गुडसे गांव की लगभग 5 हजार आबादी है जिनमे 826 परिवार सरकारी राशन में गरीबी रेखा के नीचे आते हैं जो इस राशन से अपना जीवनयापन करते हैं। जिन्हें इस माह चावल,गुड़,चना,शक्कर, नमक कुछ भी नही मिल पाया है। क्योंकि हेराफेरी के बाद से अबतक राशन नही पहुँचा है।

◆ जब इधर दंतेवाड़ा पुलिस ने फ़ूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर सहित 4 अन्य लोगो इसी मामले का नोटिश देकर अपनी जांच आगे बढ़ा दी है. सम्भवतः ब्यान दर्ज होने के बाद राईस रैकेट का भंडाफोड़ हो सकता है। शासन स्तर से भी खाद्यमंत्री अमरजीत भगत ने भी मामले में गम्भीरता दिखाते हुये 4 सदस्यीय टीम जांच के लिए दंतेवाड़ा भेजा है। जहाँ 403 बोरे चावल हेराफेरी मामले की विस्तृत जांच 3 दिनों में तैयार कर ऊपर रिपोर्ट करेगी।