बीजापुर @ कोरोना महामारी मजदूरों पर कहर बनकर टूट रहा है. वैश्विक कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के बाद बिहार ( औरंगाबाद) झारखंड ( पलामू) जिले के 37 मजदूर डेढ़ महीने से तेलांगाना के कोत्तगुडम जिले के मनगुर में फंसे थे। 4 दिन कब कठिन जंगली सफर के बाद ये मजदूर छत्तीसगड़ बीजापुर जिले के मुर्दोण्डा गांव पहुंचे हैं। भूखे प्यासे इन 37 मजदूरों को गांव वालों ने भोजन की व्यस्वथा कर प्रशासन को अवगत कराया है।
इस सप्ताह में दूसरी बार बिहार और झारखंड के मजदूर जंगली मार्गों से होते छत्तीसगढ़ की सीमा में दाखिल हुए हैं। तीन दिन पहले झारखंड सरकार ने अपनी बसें भेजकर 72 मजदूरों को वापिस बुला है। अब 37 मजदूरों को भी प्रशासन झारखंड सरकार से संपर्क कर भेजने की व्यवस्था करेगी। जंगली सफर और वनाच्छादित क्षेत्र होने की वजह से दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रहे मजदूरों पर रोक लगा पाना प्रशासन के लिए भी मुश्किल साबित हो रहा है। अस्थायी तौर पर गांवो से बाहर एकांतवास में रखकर इन्हें उनके सरकार की मद्दत से भेजा जा रहा है।