दंतेवाड़ा@ दंतेवाड़ा जिले के ४०० मजदूर आंध्रप्रदेश के नेल्लीपक्का ईस्ट गोदावरी इलाके में मिर्ची तोड़ने के लिए गये हुए थे। लॉक डाउन में मजदूरों को आ रही दिक्कतों की खबर जनसमचार बनने के बाद, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने आंध्रप्रदेश के निलीपका तहसीलदार और कोंटा तहसीलदार से समन्वय बनाकर मजदूरों को राहत सामग्री मिल रही है या नही या पता लगाया।

इधर मजदूर जिस जगह फंसे हैं उस इलाके में क्षेत्रीय एसडीएम और ठेकेदारों से बचेली एसडीएम प्रकाश भारद्वाज ने तत्काल बात कर वस्तुस्थिति जानकर मजदूरों को राहत भी दिलवा दी है।

दरअसल लम्बे वक्त से रुके मजदूर घर वापसी चाह रहे है, जिसके लिए वे निरंतर क्षेत्रीय लोगो से संपर्क में है। फंसे हुये सभी मजदूरों की खेतो में काम करते हुए और व्यवस्था की शानदार तस्वीरे आई है। इसके साथ ही आंध्र के अधिकारियों और सुकमा जिले के अधिकारियों ने बातचीत में बताया कि दरअसल रोजाना 100 से 150 मजदूर आंध्र-तेलंगाना बॉडर को पैदल क्रास करके जंगलो के रास्ते से छग में घर वापसी कर रहे हैं। जो एक बड़ी समस्या है। मगर ये मजदूर भद्राचलम- सारापाक्का के इलाके में लगे डाउन क्षेत्र में जंगलो के रास्ते मजदूर नदी को तैरकर पार करके मुख्यमार्ग में लगे चेकपोस्ट को गच्चा देकर घर वापसी की जुगत में है। ऐसा कुछ मजदूरों ने पहले किया है। मगर प्रशासन पूरी व्यवस्था मजदूरों की रखा है।

दंतेवाड़ा प्रशासन की सकारात्मक पहल और आंध्रप्रदेश के नेल्लीपक्का इलाके के आधिकारिर्यो में लगातार संपर्क से सारी स्थिति सामान्य है। इस संकटकाल में जहाँ से खबरे मिल रही है, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अमला, मीडिया सभी यथासम्भव संपर्क सूत्रों से मदद पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।