दंतेवाड़ा:-
जगरगुंडा सड़क को जोड़ने के लिए दंतेवाड़ा पुलिस ने कमारगुड़ा में एक नया पुलिस कैम्प हाल ही में खोलकर सुरक्षा के साथ सड़क बनाने का काम इस धूर नक्सलगढ़ इलाके के शुरू कर दिया है। इन सबके साथ ही कमारगुड़ा के आसपास ग्रामीणों से मेल मिलाप बढ़ाने के लिए ग्रामीणों के बीच पहुँचकर दंतेवाड़ा के पुलिस अधिकारी सिविक एक्शन प्लान चलाकर दैनिक जरूरत के सामान ग्रामीणों के हाथों में बांटकर उनकी समस्याओं को भी सुन रहे है. जिले से एडिशनल एसपी राजेन्द्र जायसवाल व डीएसपी आशा रानी के साथशिल्पा साहू ग्रामीण महिलाओं को जरूरत के सामान और दवाईया बांटा साथ ही बच्चों को पढ़ाई लिखाई के समान बाँटकर, धूम्रपान निषेद की समझाईश भी दी गयी।

जानकारी के लिये यह भी बता दें कि कमारगुड़ा से जगरगुंडा की दूरी महज 6 किलोमीटर है. जिसे दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा खोलने की जंग लम्बे समय से लड़ी जा रही है। नक्सलियों की इस अघोषित राजधानी जगरगुंडा को ही छीनने की तैयारी जोर शोर से शुरू कर दी गयी है। इस इलाके में हमेशा से नक्सलियों का वर्चस्व कायम रहा है। लेकिन जिस तरह से दंतेवाड़ा की तरफ से पालनार, समेली,अरनपुर, कोड़ापारा,जुड़वा नाले के बाद कमारगुड़ा में नया सीआरपीएफ और पुलिस कैम्प तैनात कर दिया गया है। निश्चित ही आने वाले दिनों में 2005 से बंद जगरगुंडा सड़क फिर से गुलजार हो जाएगी। साथ ही लम्बे समय से नक्सलवाद का दर्द झेलते जगरगुंडा के आसपास की 10 से अधिक पंचायते सीधे दंतेवाड़ा मुख्यालय से भी जुड़ जायेगे। जो नक्सलवाद में अबतक की सबसे बड़ी जीत सरकार के लिए होगी।