अंबुजा सीमेंट सयंत्र के खदानों में होने वाले विस्फोट से घरों में दरारें।

खनिज विभाग के निष्क्रियता व कार्यवाही के अभाव में संयत्र द्वारा मानक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर तय नियमों से ज्यादा खनन

रूपेश कुमार वर्मा,
अर्जुनी – जिला बलौदाबाजार के बलौदा बाजार विकासखण्ड में ग्राम पौसरी भरसेली रवान के पास स्थित अंबुजा सीमेंट संयंत्र की माइस में विस्फोट कर पत्थर तोड़ा जा रहा है। विस्फोट के प्रभाव से गांव के कई मकानों की दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं। इससे ग्रामीण काफी परेशान हैं। उनको डर है कि अगर विस्फोट इसी तरह किया जाता रहा तो कहीं हमारा घर गिर न जाए। ग्रामीणों की शिकायत पर मौके का जायजा लिया गया। दोपहर 2:30 बजे माइंस में दो बड़े विस्फोट हुए, जोरों से आवाज आई, दूर माइंस में धूल का गुबार उड़ते हुए दिखा। विस्फोटक के प्रभाव से हल्का कंपन भी महसूस हुआ। विस्फोट के प्रभाव से ग्राम के मकानों में जगह-जगह से दरारें पड़ चुकी हैं।शिकायत पर ध्यान नहीं अंचल के कुछ अंबुजा सीमेन्ट संयंत्रों द्वारा नियम-कायदों को ताक पर रखकर संयंत्र की खदानों में अत्यधिक तीव्र क्षमता का बारूद विस्फोट किया जा रहा है.

जिसके चलते इनके परिधि से लगे ग्रामों के मकानों की दीवारों पर दरारें पड़ने के अलावा विस्फोट के साथ पत्थर भी उड़कर ग्रामीणों के मकानों में गिर रहे हैं.इस संबंध में ग्राम पंचायत पौंसरी के सरपंच,उपसरपंच द्वारा एक आवेदनगत दिवस जिलाधीश को सौंप कर मामले में कार्रवाई की मांग की गयी थी . सौंपे गये आवेदन में उल्लेख है कि अधिकांश समय विस्फोट के दौरान जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं रहते हैं एवं उनके अधिनस्थ कर्मचारियों द्वारा ब्लास्टिंग का कार्य किया जाता है.जिसके चलते कई बार अत्यधिकतीव्र विस्फोट के साथ ही घरों में कम्पन होता है.वहीं कई अवसरों पर खदान के पत्थर उछल कर ग्रामीणों के घरों में गिरते हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले को संज्ञान में लेकर संयंत्र को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की गयी है. खदानों में प्रावधानों की अनदेखी संयंत्रों की खामियों पर गौर करें तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं. सामान्य तौर पर संयंत्र प्रबंधन को खदानों की स्वीकृति अथवा लीज प्रदान करने के दौरान निर्धारित गहराई तक खुदाई करने की ही अनुमति प्रदान की जाती है. साथ ही अनिवार्य तौर पर खुदाई किये गये वृहद खदानों
को भरकर समतल किये जाने का अनुबंध भी
किया जाता है. परंतु इस संयंत्रों द्वारा इस नियम से
बचने निर्धारित गहराई से कुछ एक मीटर कम खुदाई कर उसे रिकार्ड में उपयोगी साबित किया जाता है. जो पर्यावरण एवं क्षेत्र की पारिस्थितिकी की दृष्टि से बेहद हानिकारक है. कुछ एक संयंत्रों द्वारा बकायदा गहरा कर छोड़ दिये गये खदानों में अनाधिकृत रूप से और अधिक गहराई से भू-जल का दोहन कर संयंत्रों के पॉवर प्लांट, अन्यमशीनों के शीतलन व कालोनियों के उपयोग हेतु किया जा रहा है.संयंत्रों के द्वारा प्रतिदिन लाखों गैलन जल के दोहन में अंचल की बड़ी आबादी को भीषण जल संकट की ओर धकेल दिया है. व्यर्थ अथवा अनुपयोगी पड़ी खदानों को पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से बंद करने का प्रावधान है.

पौसरी निवासी महेश कुमार यदु तीन वर्ष पूर्व
सीमेंट संयत्र में सुरक्षागार्ड के रूप में कार्यरत
रहे। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व इनके
घर के बाजू में विस्फोट के कारण पत्थर आकर गिरा
जिसकी शिकायत उन्होंने संयंत्र प्रबंधन से की परतु
प्रबंधन ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
विस्फोट के प्रभाव सेगांव के मकानों में दरार पड़ गई है।उच्च अधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही है परंतु अधिकारी इस विषय पर आँख मूदकर बैठे हैं।

शिकायत पर कार्रवाई
नहीं: दुर्गा प्रसाद साहू
पौसरी की रहने वाली दुर्गा प्रसाद साहू ने बताया कि गांव में स्थान-स्थान पर पत्थर गिर रहे है। लगभग कुछ दिन पहले खेत में गिराव कुछ दिन पहले यह बोर के पास पत्थर गिरा है। बार-बार दुर्गा प्रसाद साहू पत्थर गिरने की शिकायत कर रहे है परतु कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

सुरक्षात्मक कदम नहीं
उठा रहे : शत्रुहन लाल पौसरी के ग्रामीण शत्रुहन लाल वर्मा ने बताया कि ग्राम में विस्फोट के दौरान पत्थर गिरा। जिसकी शिकायत लेकर माइंस इंचार्ज से मिलने गए परतु सुरक्षाकर्मियों ने मिलने नहीं दिया। अन्य माध्यमों से संपर्क करने पर आश्वासन मिला कि शत्रुधनलाल भविष्य में दो बारा पत्थर नहीं गिरेग परंतु सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए नहीं दिख रहा है।

गांव ने अधिकांश बोर म फेल हो गए:बिसमत वर्मा पौसरी की पच विसमत वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत पौसरी सीमेंट सयंत्र द्वारा
गोद लिया ग्राम है।माइस एरिया होने के कारण ग्राम के सारे बोर फेल हो गए है। हमेशा जल सकट की स्थिति बनी रहती है। गांव में किए बोर फेल हो गए हैं। जलसकट पर कईवार प्रबंधन से बात की जा चुकी है परंतु प्रबंधन द्वारा जल सकट का समाधान नहीं दिया जा रहा है

ग्राम रवान निवासी व पेशे से अधिवक्ता दीनबंधु देवांगन का कहना है की विस्फोट के प्रभाव से ग्राम के मकानों में जगह-जगह से दरारें पड़ चुकी हैं अंबुजा सीमेन्ट संयंत्रों द्वारा नियम-कायदों को ताक पर रखकर संयंत्र की खदानों में अत्यधिक तीव्र क्षमता का बारूद विस्फोट किया जा रहा है ग्राम रवान पौसरी निवास के लोगों के जन जीवन के साथ खेलवार खेल रहे है पौसरी गाव निवासी महेश कुमार यदु घर के बाजू में विस्फोट के कारण पत्थर आकर गिरा जिसकी शिकायत जिला प्रशासन द्वारा अब कोई कार्रवाई नहीं किया गया है

क्या कहते है जिम्मेदार
अंबुजा सीमेंट सयंत्र में विस्फोट वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है। दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से गांवो में जो पत्थर गिरे है।हम इसकी जांच करवा रहें है।”

अजय सिंह रखवार, महाप्रबंधक
अंबुजा सीमेंट संयत्र,रवान