दंतेवाड़ा@बस्तर के बयाबान जंगलो में पनपते नक्सलवाद की जड़ो में जुड़कर अपनी जीवनशैली को हिंसक बना बैठे नक्सली जब मुख्यधारा में लौटते हैं. तो अपने पीछे कई किस्से कहानियां भी जोड़ लाते हैं.

दंतेवाड़ा में रक्षाबंधन पर्व के ठीक पहले भैरमगढ़ एरिया कमेटी की पश्चिम बस्तर डिवीजन में नक्सलियों की प्लाटून नम्बर 13 का सक्रिय 8 लाख का ईनामी नक्सली डिप्टी कमांडर मल्ला तामो ने दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव व सीआरपीएफ डीआईजी के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आया।

मल्ला पर छग सरकार ने 8 लाख रुपये का ईनाम लगा रखा था. जंगलो में आतंक और हिंसा की जिंदगी काटते काटते मल्ला थक गया था. 13 सालो में मल्ला ने जमकर नक्सली संगठन में रहते हुये हत्या, लूट,आगजनी जैसी बड़ी हिंसक घटनाओं को लाल आतंक के नाम पर अंजाम दिया.

दंतेवाड़ा जिले में जब ईनामी नक्सली मल्ला ने आत्मसमर्पण किया तो उसकी बहन भी दंतेवाड़ा कारली पुलिस लाइन में पहुँची हुई थी. 13 सालो के बाद नक्सली भाई कि कलाई में रक्षासूत्र बांधकर बहन ने देश सेवा करने का वचन मांगा।

बता दे कि दंतेवाड़ा जिले में लगातार समर्पण और गिरफ्तारियों के चलते नक्सलियों के प्रतिबंधित संगठन पर गहरी चोट लगी है. जिसके चलते ही नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं।